हर किसी के हाथ बिकने को तैयार नहीं,
ये दिल है मेरा, तेरे शहर का अखबार नहीं।
करते रहो तुम मुस्करा के दिलों का सौदा,
अपने बस का यह व्यापार नहीं।
बीच मँझधार गयी नाव तो पता चला
साहिल जिसकी तलाश थी, वो उस पार नहीं।
क्यूँ तोडते हो बेवफा युँ तिल-तिल कर दिल मेरा,
इक बार कह दो कि तुम्हें मुझसे प्यार नहीं।।
ये दिल है मेरा, तेरे शहर का अखबार नहीं।
करते रहो तुम मुस्करा के दिलों का सौदा,
अपने बस का यह व्यापार नहीं।
बीच मँझधार गयी नाव तो पता चला
साहिल जिसकी तलाश थी, वो उस पार नहीं।
क्यूँ तोडते हो बेवफा युँ तिल-तिल कर दिल मेरा,
इक बार कह दो कि तुम्हें मुझसे प्यार नहीं।।